
आगरा । उत्तर प्रदेश के आगरा में दिल दहला देने वाले बाल अपराध मामले में अदालत ने गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दो दरिंदों अमित कुशवाह और निखिल को फांसी की सजा सुनाई। यह फैसला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट (एडीजे-27) सोनिका चौधरी की अदालत ने सुनाया ।
मामला क्या था
यह घटना 18 मार्च 2024 को थाना बाह क्षेत्र के फरैरा गांव की है। साढ़े पांच वर्ष की बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, तभी रिश्ते के चाचा अमित और उसके दोस्त निखिल बाइक पर आए और बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। दोनों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म और कुकर्म किया, फिर उसकी हत्या कर शव को सरसों के खेत में दबा दिया। कुछ समय बाद आरोपियों ने बच्ची के पिता से 6 लाख रुपये फिरौती की मांग भी की ।
अदालत में सजा सुनते ही बिखर पड़े दोषी
गुरुवार सुबह कोर्ट की कार्रवाई शुरू होते ही माहौल भावुक हो गया। सजा का निर्णय सुनते ही दोनों दोषी अमित और निखिल कोर्ट में रोने लगे। बाहर बैठे उनके परिजन भी फूट-फूटकर रोने लगे। सुरक्षा में तैनात जवानों ने मुश्किल से उन्हें शांत कराया । अदालत ने कहा कि यह अपराध समाज की आत्मा को झकझोर देने वाला है, और ऐसे अमानवीय दरिंदों को सिर्फ मृत्युदंड ही न्यायसंगत है ।
न्यायालय की टिप्पणी
विशेष न्यायाधीश सोनिका चौधरी ने सजा सुनाते हुए कहा कि नन्ही बच्ची का अपहरण, दुष्कर्म और निर्मम हत्या करने वाले लोग समाज में रहने योग्य नहीं हैं। अदालत ने दोनों दोषियों पर ₹4.50 लाख का जुर्माना भी लगाया है, जो पीड़िता के माता-पिता को दिया जाएगा ।
इस फैसले के बाद अदालत परिसर में माहौल भावनात्मक हो गया। पीड़िता के परिवार ने कहा कि उन्हें न्याय मिल गया, और अब किसी और बेटी के साथ ऐसा अत्याचार न हो


















































