गंगा एक्सप्रेसवे से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किठौर-हापुड़ मार्ग को जोड़ा जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने नए इंटरचेंज निर्माण की मंजूरी दे दी है। यह इंटरचेंज अटौला और शाफियाबाद लौटी गांवों की संयुक्त सीमा में बनेगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा ।
भूमि अधिग्रहण और लागत
इस परियोजना के लिए 3.0307 हेक्टेयर (यानी लगभग 30,307 वर्ग मीटर) भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। यूपीडा ने इस भूमि खरीद के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। अनुमान है कि इस पर लगभग 10.18 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। जिला प्रशासन को शीघ्र ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं ।
ग्रामीणों की माँग और प्रशासनिक मंजूरी
गंगा एक्सप्रेसवे वर्तमान में इस मार्ग को एक अंडरपास के माध्यम से पार करता है, लेकिन स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से इसे एक्सप्रेसवे से जोड़ने की मांग कर रहे थे। अब यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक कुमार ने इस इंटरचेंज के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। प्रशासन और मंडलायुक्त दोनों ने भूमि खरीद प्रस्ताव को भी संस्तुति दी है ।
परियोजना की प्रगति
मेरठ से बदायूं तक गंगा एक्सप्रेसवे का पहला हिस्सा (कुल 130 किलोमीटर) लगभग पूरा हो चुका है। यूपीडा का दावा है कि नवंबर 2025 तक यह खंड पूरी तरह तैयार हो जाएगा। टोल प्लाजा, पुल, अंडरपास और इंटरचेंज जैसी सभी प्रमुख संरचनाएं बनकर तैयार हैं, सिर्फ सिंभावली रेलवे ओवरब्रिज की एप्रोच रोड पर कार्य अंतिम चरण में है ।
यह परियोजना न केवल किठौर-हापुड़ मार्ग को तेज रफ्तार नेटवर्क से जोड़ेगी, बल्कि पश्चिमी यूपी के व्यापारिक और औद्योगिक विकास को भी नई दिशा देगी ।


















































