प्रज्ञात समाचार ।अलीगढ़ कल्याण सिंह के नाम पर नए जिले की कवायद तेज, तीन क्षेत्रों के शामिल होने की संभावनाअलीगढ़। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर नए जिले के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस बार यह कवायद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कल्याण सिंह के नाम पर नए जिले के गठन को लेकर चल रही है। ‘कल्याण सिंह नगर’ नाम से प्रस्तावित इस जिले में अलीगढ़ के अतरौली, गंगीरी और बुलंदशहर के डिबाई क्षेत्र को मिलाकर नया प्रशासनिक नक्शा तैयार किया जा सकता है। शासन स्तर पर इस बात की पुष्टि हुई है कि राजस्व परिषद ने अलीगढ़ और बुलंदशहर दोनों जिलों के जिलाधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।
नए जिले के गठन की पहल
पूर्व सीएम कल्याण सिंह के पुत्र और वर्तमान सांसद राजवीर सिंह राजू भैया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपने पिता के नाम पर अतरौली, गंगीरी और डिबाई को मिलाकर नया जिला बनाए जाने की मांग रखी थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि यह नया जिला पूर्व मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र की पहचान को और मजबूत करेगा, साथ ही प्रशासनिक कार्यों में भी सुगमता लाएगा।
संभावित सीमा और प्रशासनिक तैयारी
किन क्षेत्रों को मिलाया जाएगा: नए जिले में अलीगढ़ का अतरौली और गंगीरी तहसील के साथ-साथ बुलंदशहर का डिबाई क्षेत्र शामिल हो सकता है।
दोनों जिलों के तीन प्रमुख हिस्सों को एकत्रित कर प्रशासनिक और राजस्व इकाई के रूप में नया जिला गठित करने की योजना तैयार की जा रही है।
रिपोर्ट तलब
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने अलीगढ़ और बुलंदशहर के जिलाधिकारियों से इन क्षेत्रों से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है, जिसमें जनसंख्या, क्षेत्रफल, आर्थिक स्थिति, प्रशासनिक ढांचा और संभावित दिक्कतों के बारे में जानकारी मांगी गई है। यह पूरी प्रक्रिया शासन स्तर पर औपचारिक जांच और अनुमोदन के बाद ही आगे बढ़ेगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ज़िला गठन को हरी झंडी मिल सकती है।
जनभावनाओं से जुड़ा फैसला
कल्याण सिंह नगर जिले के गठन को लेकर इलाके में उत्साह है। स्थानीय लोग मानते हैं कि इससे न केवल विकास कार्यों को गति मिलेगी, बल्कि क्षेत्र को आदर मिलने के साथ स्व. कल्याण सिंह की स्मृति भी स्थायी रूप से दर्ज होगी। प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर इस फैसले को ऐतिहासिक माना जा रहा है।निष्कर्षकल्याण सिंह नगर के नाम से नया जिला बनाए जाने की कवायद शासन की प्राथमिकता में है। शासन स्तर से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद जल्द ही इस पर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधि दोनों इस प्रस्ताव को लेकर काफी उत्साहित हैं, जिससे जल्द ही जिले के रूप में एक नई पहचान सामने आ सकती है।















































