गाजियाबाद। राज कुमार गोयल प्रौद्योगिकी संस्थान (आर.के.जी.आई.टी.) के कंप्यूटर विज्ञान विभाग में मंगलवार को परिणाम आधारित शिक्षा और शिक्षण कौशल विषय पर पांच दिवसीय लघु अवधि प्रशिक्षण कार्यक्रम (संकाय विकास कार्यक्रम) का शुभारंभ उत्साहपूर्वक किया गया। यह प्रशिक्षण सत्र राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एन.आई.टी.टी.टी.आर.), चंडीगढ़ के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जो 13 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक संचालित होगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को परिणाम आधारित शिक्षा की अवधारणा और आधुनिक शिक्षण विधियों की गहन समझ प्रदान करना है, ताकि शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, नवोन्मेषी और छात्र-केंद्रित बनाया जा सके। इस पहल के माध्यम से शिक्षकों को अपने शिक्षण में आधुनिक तकनीकों, रचनात्मक पद्धतियों और मूल्यांकन प्रणालियों को सम्मिलित करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. सचिन गोयल, विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर विज्ञान विभाग के मार्गदर्शन में किया जा रहा है तथा डॉ. वीना भारती, सहयोगी प्राध्यापक, कार्यक्रम की समन्वयक हैं। देशभर के विभिन्न तकनीकी और प्रबंधन संस्थानों से आए प्रतिभागी इस प्रशिक्षण सत्र में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा परिणाम आधारित अधिगम, पाठ्यक्रम निर्माण, शिक्षण-अधिगम रणनीतियाँ, ब्लूम्स टैक्सोनॉमी, सतत मूल्यांकन तकनीकें तथा आधुनिक शिक्षण उपकरणों के उपयोग जैसे विषयों पर विस्तृत और उपयोगी व्याख्यान दिए जाएंगे। वक्ताओं द्वारा शिक्षकों को न केवल सैद्धांतिक जानकारी प्रदान की जाएगी, बल्कि उन्हें व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह भी बताया जाएगा कि इन विधियों को अपने कक्षा-कक्षों में किस प्रकार प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन गोयल ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को शिक्षा के बदलते स्वरूप और वैश्विक मानकों को समझने में सहायता प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि परिणाम आधारित शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान का संप्रेषण नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में कौशल, मूल्य और अनुप्रयोग क्षमता विकसित करना है। इस प्रशिक्षण से शिक्षक न केवल अपनी शिक्षण शैली को सशक्त करेंगे, बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर परिणाम देने के लिए प्रेरित भी करेंगे। संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) बी. सी. शर्मा ने कार्यक्रम के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल संस्थान में शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचारपूर्ण शिक्षण वातावरण स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता का स्तर शिक्षकों की दक्षता और उनकी दृष्टि पर निर्भर करता है, और इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों से जोडऩे का सर्वोत्तम माध्यम हैं।
एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) डी. के. चौहान ने कंप्यूटर विज्ञान विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान में निरंतर इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं विकास कार्यक्रमों का आयोजन शिक्षकों के आत्मविकास और विद्यार्थियों की प्रगति दोनों के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आर.के.जी.आई.टी. सदैव शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिए समर्पित रहा है। कार्यक्रम के प्रथम दिन प्रतिभागियों ने विषय विशेषज्ञों से संवाद किया और परिणाम आधारित शिक्षा प्रणाली के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। वातावरण में उत्साह और सीखने की जिज्ञासा स्पष्ट रूप से झलक रही थी। अंत में कार्यक्रम समन्वयक डॉ. वीना भारती ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभव और ज्ञान न केवल शिक्षकों के व्यक्तिगत विकास में सहायक होंगे, बल्कि संस्थान की शिक्षण गुणवत्ता को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।















































