गुजरात में भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक फेरबदल करते हुए सूरत के विधायक हर्ष सांघवी को राज्य का नया उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया है । मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में नए मंत्रिमंडल ने गांधीनगर स्थित राजभवन में शपथ ली, जहां राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई ।
कैबिनेट फेरबदल में बड़े बदलाव
भूपेंद्र पटेल सरकार में इस बार 19 नए चेहरों को मंत्री पद दिया गया है जबकि छह पुराने मंत्रियों को बरकरार रखा गया है । सूरत की मजूरा सीट से विधायक और पूर्व गृह राज्य मंत्री रहे हर्ष सांघवी को उनके सख्त कानून-व्यवस्था रुख और लोकप्रिय छवि के कारण उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। वे 40 वर्ष के हैं और तीन बार विधायक रह चुके हैं ।
‘बुलडोजर एक्शन’ से बनी पहचान
हर्ष सांघवी पिछले कुछ वर्षों में अपने ‘बुलडोजर एक्शन’ के लिए सुर्खियों में रहे हैं। गृह मंत्री रहते हुए उन्होंने असामाजिक तत्वों और अवैध निर्माणों पर सख्त रुख अपनाया था। उन्होंने विधानसभा में यह भी कहा था कि “दादा (मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल) का बुलडोजर किसी अपराधी को नहीं बख्शेगा”, और लव जिहाद जैसे मामलों में दोषियों को सड़कों पर घुमाए जाने की चेतावनी दी थी । इस रवैए ने उन्हें जनता के बीच “कड़ी कार्रवाई वाले मंत्री” की छवि दी।
युवा और उभरता चेहरा
8 जनवरी 1985 को जन्मे हर्ष सांघवी भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने राजनीति की शुरुआत छात्र नेता के रूप में की थी और जल्द ही सूरत की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई । राज्य में चार साल बाद किसी उपमुख्यमंत्री की नियुक्ति हुई है — इससे पहले नितिन पटेल 2021 तक इस पद पर थे ।
भाजपा में बढ़ा कद
भूलडोजर नीति और सख्त कानून व्यवस्था के अपने अंदाज के चलते हर्ष सांघवी अब गुजरात भाजपा के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी नियुक्ति से पार्टी ने युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने और शहरी वोटबैंक को मजबूत करने की रणनीति अपनाई है















































